Sunday, March 9, 2025

ग्लोबल वेल्थ समिट 2025 के मुख्य अंश: भारत की आर्थिक दृष्टि, नियामक बदलाव और वैश्विक रुझान

 



ग्लोबल वेल्थ समिट 2025 ने वित्त, नीति निर्माण और व्यापार जगत के कुछ बेहतरीन दिमागों को एक मंच पर लाकर धन निर्माण और दीर्घकालिक समृद्धि के भविष्य पर चर्चा की। मुंबई में आयोजित इस समिट में साहसिक भविष्यवाणियां, नवोन्मेषी विचार और क्रियाशील अंतर्दृष्टियां साझा की गईं, जो वैश्विक वित्तीय परिदृश्य को आकार दे रही हैं। यहां इस आयोजन के कुछ प्रमुख अंश दिए गए हैं।


1. भारत की $1 ट्रिलियन आर्थिक दृष्टि

समिट में सबसे महत्वाकांक्षी दृष्टि भारत के एक प्रमुख राज्य को 2030 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य था। यह दृष्टि राज्य के नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है। विशेष रूप से, राज्य ने अन्य प्रमुख शहरों से उद्यमियों का उलटा पलायन देखा है, जिससे यह स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित हो गया है।

वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के प्रयास भी जारी हैं, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए लाल गलीचा बिछा रहा है, ताकि यह उनके लिए पसंदीदा निवेश स्थल बन सके। हालांकि, इस दृष्टि के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं और पूंजी निवेश के बीच संतुलन बनाए रखना एक जटिल कार्य है, लेकिन नेतृत्व को इन चुनौतियों से निपटने में आत्मविश्वास है।


2. सेबी का नया नियामक दृष्टिकोण

समिट में भारत के बाजार नियामक के नए प्रमुख ने अपनी पहली बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति में नियमन के एक नए दृष्टिकोण को रेखांकित किया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) के महत्व को स्वीकार करते हुए, नियामक ने नियमों को सरल बनाने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर जोर दिया।

नए प्रमुख ने बड़े बदलावों के बजाय छोटे, क्रमिक सुधारों के माध्यम से लक्ष्यों को प्राप्त करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता जताई और कर्मचारियों के हितों के टकराव को सार्वजनिक करने का वादा किया, ताकि निवेशकों का विश्वास बढ़ाया जा सके। यह दृष्टिकोण नियामकीय ढांचे में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।


3. वैश्विक बाजार रुझान और निवेश अंतर्दृष्टि

समिट में एक प्रतिष्ठित निवेशक ने भू-राजनीतिक बदलावों, जैसे अमेरिकी नीतियों में परिवर्तन, का वैश्विक बाजारों पर प्रभाव के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने भारत की विकास कहानी के प्रति आशावाद व्यक्त किया, जो एक सकारात्मक सरकार और चीन से दूर हो रहे वैश्विक रुझानों से प्रेरित है।

निवेश में मूल्यांकन के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने नई तकनीकों, विशेष रूप से एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के प्रति अत्यधिक उत्साह से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकांश बुलबुले नई, अभूतपूर्व तकनीकों के आसपास बनते हैं, जो कल्पनाशीलता को प्रज्वलित करते हैं, लेकिन अक्सर तेज गिरावट के साथ समाप्त होते हैं।


4. निजी क्षेत्र की पूंजीगत व्यय और आर्थिक पुनर्गठन

समिट में शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति आशावाद व्यक्त किया। एक प्रमुख उद्योगपति ने कहा कि निजी क्षेत्र की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) जल्द ही बढ़ेगी, जो क्षमता उपयोग से प्रेरित होगी।

साथ ही, एक प्रमुख अर्थशास्त्री ने सरकारी पुनर्गठन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने अमेरिका के "डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी" जैसे मंत्रालय बनाने का सुझाव दिया। हालांकि, उन्होंने बाजार में 10% और सुधार की संभावना जताई, लेकिन भारत की संरचनात्मक विकास कहानी के प्रति आशावाद बनाए रखा।


5. भारतीय शेयर बाजार पर बहस

समिट में दो प्रमुख निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार के भविष्य पर विपरीत विचार साझा किए। एक ने कहा कि बाजार अगले 1-2 महीनों में निचले स्तर पर पहुंच सकता है, जिसके बाद 7-8% की वृद्धि होगी। दूसरे ने पांच साल तक शून्य रिटर्न की संभावना जताई, क्योंकि बाजार अपने अधिमूल्यन को सही करेगा और स्मॉल-कैप सेगमेंट में थकान दिखाई देगी।


6. वैश्विक गठजोड़ और व्यापारिक गतिशीलता

समिट में भारत और चीन के बीच बदलते संबंधों पर भी चर्चा हुई। चीन ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की पेशकश की, ताकि वैश्विक सत्ता राजनीति का मुकाबला किया जा सके। हालांकि, व्यापारिक विवादों और टैरिफ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जिसे आर्थिक वास्तविकताओं के संदर्भ में समझना जरूरी है।


निष्कर्ष

ग्लोबल वेल्थ समिट 2025 ने भारत की आर्थिक दृष्टि, नियामक सुधार और वैश्विक बाजारों के प्रति सतर्क आशावाद को रेखांकित किया। यह आयोजन निवेशकों और वित्तीय पेशेवरों के लिए मूल्यवर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, जो उन्हें बदलते वित्तीय परिदृश्य में सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकती हैं।

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